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Asked by MONIKA 10 August 2026
घेंघा रोग में किस तत्व के समस्थानिक का प्रयोग किया जाता है ?
A. निकल     B. यूरेनियम
C. थोरियम   D. आयोडीन
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सही उत्तर: D) आयोडीन

व्याख्या—

घेंघा (गॉइटर) रोग थायरॉइड ग्रंथि के असामान्य वृद्धि से जुड़ा रोग है, जो प्रायः शरीर में आयोडीन की कमी के कारण होता है, क्योंकि थायरॉइड ग्रंथि थायरॉक्सिन हार्मोन बनाने के लिए आयोडीन का उपयोग करती है। चिकित्सा और नैदानिक क्षेत्र में आयोडीन के रेडियोसक्रिय समस्थानिक आयोडीन-131 (I-131) का प्रयोग थायरॉइड संबंधी रोगों, विशेष रूप से घेंघा और थायरॉइड कैंसर के निदान (डायग्नोसिस) तथा उपचार दोनों में किया जाता है।

चूँकि थायरॉइड ग्रंथि स्वाभाविक रूप से आयोडीन को अवशोषित करती है, इसलिए रेडियोधर्मी आयोडीन-131 को शरीर में देकर थायरॉइड की कार्यक्षमता की जाँच की जाती है और अतिसक्रिय या कैंसरग्रस्त थायरॉइड कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए भी इसका उपयोग होता है। इसी कारण अन्य विकल्प (निकल, यूरेनियम, थोरियम) इस रोग के उपचार में प्रयुक्त नहीं होते।

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