सही उत्तर है…
(b) प्रसन्नतापूर्वक रह रहे
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व्याख्या :
दी गई पंक्तियों में ‘रमि रहे’ सही अर्थ होगा ‘प्रसन्नतापूर्वक रह रहे’।
ये पंक्तियां रहीमे के दोहे से ली गई हैं। रहीम अपने दोहे में ये बात स्पष्ट रूप से कह रहें है कि श्रीराम जब तक चित्रकूट मे रहे वह बेहद प्रसन्नतापूर्वक रहे।
रहीम का पूरा दोहा इस प्रकार है…
चित्रकूट में रमि रहे, रहिमन अवध नरेस।
जा पर बिपदा परत है, सो आवत यह देश।।
अर्थात रहीम कहते हैं श्री राम 14 वर्ष के वनवास मिलने के बाद चित्रकूट में आकर रह रहे थे। वह जब तक वहां पर रहे तो तो बहुत प्रसन्नता पूर्वक रहे। उन्हें वहाँ पर किसी भी तरह की दुःख-चिंता नहीं थी। यह स्थान इतना अदभुत है कि जिस किसी पर संकट की घड़ी आती है, विपत्ति आती है तो वह शांति पाने के लिए इस स्थान की ओर खिंचा चला आता है। लोगों को दुख की घड़ी में इस स्थान की याद हमेशा याद आती है।
यहां पर इस दोहे में रहीम ने स्पष्ट कर दिया है कि श्री राम चित्रकूट में आकर ‘रमि रहे’ अर्थात ‘प्रसन्नतापूर्वक रह रहे थे।’
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