एक सुंदर गुलाब के पौधे पर खिले हुए फूल ने अपने पास के कांटे से पूछा, “मित्र, तुम इतने कठोर और नुकीले क्यों हो? क्या तुम्हें डर नहीं लगता कि लोग तुमसे दूर भागेंगे?” कांटे ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “प्रिय फूल, मेरी कठोरता ही तुम्हारी सुरक्षा है। मैं तुम्हारे सौंदर्य की रक्षा करता हूं। जो लोग तुम्हें बिना सोचे-समझे तोड़ने आते हैं, मैं उन्हें रोकता हूं।” फूल ने विस्मित होकर कहा, “लेकिन क्या इससे तुम अकेले नहीं पड़ जाते?” कांटे ने गंभीरता से उत्तर दिया, “मेरा काम ही यही है। मुझे खुशी है कि मैं तुम्हारी सुंदरता को सुरक्षित रख पाता हूं। हर किसी का अपना महत्व होता है।” फूल ने समझदारी से कहा, “तुम सच कहते हो। मैं तुम्हारी कड़ी मेहनत की सराहना करता हूं। हम दोनों मिलकर ही इस पौधे की शोभा बढ़ाते हैं।” इस तरह, फूल और कांटे ने एक-दूसरे के महत्व को समझा और अपनी मित्रता को और गहरा बना लिया।
इस ऊँची और विशाल इमारत को देखा। इस वाक्य में से विशेषण पद छाँटकर लिखिए।